Maurya Empire History

 MAURYA EMPIRE COMPLETE HISTORY IN DETAILS WITH MPSC COVER QUESTIONS ON MAURYA EMPIRE 

maurya Empire History


आज हम मौर्य साम्राज्य के बारे में जानेंगे जो कि भारत के इतिहास में बहुत बड़ा माना जाता है.मौर्य समाज का इतिहास अक्सर स्पर्धा परीक्षाओं में पूछा जाता है मौर्य साम्राज्य को भारतीय इतिहास में मील का पत्थर माना जाता है
आज हम इस पोस्ट के ज़रिये से मौर्य समाज का पूरा इतिहास समझने की कोशिश करेंगे
Today we will learn about the Maurya Empire, which is considered very big in the history of India.History of Maurya Samaj is often asked in competitive examinations.The Maurya Empire is considered a milestone in Indian history.
Today we will try to understand the complete history of Maurya society through this post.

Mauryan Dynasty In Hindi / English /Maurya Empire History in Hindi 

  मौर्य साम्राज्य का संस्थापक Founder of maurya empire/ मौर्य साम्राज्य का ससंथापक कौन था ? Who was the founder of the Maurya Empire?/STORY OF CHANDRA GUPTA MAURYA IN HINDI AND ENGLISH/ WHO CREATED THE MAURYAN EMPIRE  


मौर्य साम्राज्य का संस्थापक चन्द्र गुप्त मौर्य को कहा जाता हैचन्द्र गुप्त का जन्म 345 में शाक्यो के पिप्पलिवन की मौराई शाखा में हुआ. चन्द्र गुप्त मौर्य बचपन से बहादुर थे बहुत सारी लड़ाई में वो विजय हुए

चन्द्र गुप्त मौर्य के विषय में जस्टिन का कथन है कि उस ने 6 लाख की सेना लेकर सम्पूर्ण भारत को रौंदा और अपना राज्य स्थापित किया

चन्द्र गुप्त मौर्य 322 में गद्दी पर बैठा. 

उस का साम्राज्य पूरब में बंगाल से पश्चिम में ईरान तक उत्तर में अफ़ग़ानिस्तान से दक्षिण में कर्नाटक तक था

Chandra Gupta Maurya is the founder of the Maurya Empire.Chandra Gupta was born in 345 in the Maurai branch of Pippalivan of Shakyo.Chandra Gupta Maurya was brave since childhood, he was victorious in many battles.

Justin says about Chandra Gupta Maurya that he trampled the whole of India with an army of 6 lakhs and established his kingdom.

Chandra Gupta Maurya ascended the throne in 322.

His empire ranged from Bengal in the east to Iran in the west, from Afghanistan in the north to Karnataka in the south.

BINDUSARA KING बिन्दुसार शासक ( 297 To 273 B.C.E ) 


बिन्दुसार चन्द्र गुप्त मौर्य का पुत्र था चंद्र गुप्त मौर्य के देहांत के बाद बिंदुसार को मौर्य साम्राज्य का शासक बनाया गया!

बिन्दुसार महान राजा अशोक के पिता थे इन के बारे में ज़्यादा इतिहास में लिखा हुआ नहीं है मगर इतना सब जानते है के बिन्दुसार महान राजाओं में से एक है!

बिन्दुसार का इतिहास बौद्ध समाज के जानकार द्वारा उन के मरने के 1000 सालो बाद वरण किया गया


बिन्दुसार का नाम पहली बार जैन समाज के लेखक हेम चंद्र के द्वारा लिखी गयी रचना परिशिष्ट परवाना में आया था

बिन्दुसार के तीन पुत्र थे अशोक सुशीम और विगताशोक

इतिहास की माने तो बिन्दुसार सुशीम को अपनी गद्दी देने चाहते थे मगर  अशोक ने बिन्दुसार की मौत के बाद अपने भाइयों की हत्या कर के राज गद्दी ली थी



Bindusara was the son of Chandra Gupta Maurya, after the death of Chandra Gupta Maurya, Bindusara was made the ruler of the Maurya Empire.

Bindusara was the son of Chandra Gupta Maurya, after the death of Chandra Gupta Maurya, Bindusara was made the ruler of the Maurya Empire.

The history of Bindusara was described by the scholars of Buddhist society 1000 years after his death.

The name of Bindusara first appeared in "parishisht Parvana", a composition written by Hem Chandra, the author of Jain society.


Bindusara had three sons, Ashok Sushim and Vigtashoka 

According to history, Bindusara wanted to give his throne to Sushim, but after the death of Bindusara, Ashoka took the throne by killing his brothers.

 महान राजा अशोक THE GREAT KING ASHOK  /who is the son of Bindusara 


अशोक बिन्दुसार का पुत्र था।
वह अपने पिता के शासनकाल के दौरान तक्षशिला और उज्जैन के राज्यपाल थे

अशोक अपने भाइयों को सफलतापूर्वक हराने के बाद 268 ईसा पूर्व के आसपास सिंहासन पर बैठा।

अशोक के राज्याभिषेक (273 ईसा पूर्व) और उसके वास्तविक राज्याभिषेक (269 ईसा पूर्व) के बीच चार साल का अंतराल था।

अतः उपलब्ध साक्ष्यों से यह प्रतीत होता है कि बिन्दुसार की मृत्यु के बाद गद्दी के लिए संघर्ष हुआ था।

नौ रत्न रखने की परंपरा या प्रचलन की शुरुआत उज्जैन के महान चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य ने की थी। इसी परंपरा को अशोक महान ने आगे बढ़ाया। उनके दरबार में भी नौ रत्न थे। नौ रत्न अर्थात नौ सलाहकार। ऐसा माना जाता है कि सम्राट अशोक ने प्रमुख 9 लोगों की एक ऐसी संस्था बनाई हुई थी जिन्हें कभी सार्वजनिक तौर पर उपस्थित नहीं किया गया

Ashoka was the son of Bindusara. 
He was governor of Taxila and Ujjain 
during his father’s reign. 

Ashoka sat on the throne around 268 
B.C. after successfully defeating his 
brothers. 

There was an interval of four years 
between Asoka’s accession to the 
throne (273 B.C.) and his actual 
coronation (269 B.C.). 

Therefore, it appears from the 
available evidence that there was a 
struggle for the throne after 
Bindusara’s death.

The tradition or practice of keeping nine gems was started by the great Chakravarti emperor Vikramaditya of Ujjain. Ashoka the Great carried forward this tradition. There were also nine gems in his court. Nine Ratnas means nine advisors. It is believed that Emperor Ashoka created a body of nine prominent people who were never publicly present.

अशोक का सम्राट  Emperor of Ashoka

अशोक का सम्राट उन ही की तरह बड़ा और विशाल था कलिंग को छोड़ कर पूरे भारत में अशोक का सम्राट था

ईरान से लेकर बर्मा तक और अफ़ग़ानिस्तान से बंगाल तक तथा मैसूर से लेकर कर्नाटक तक अशोक का सम्राट था

कहते है ये उस समय तक का सब से बड़ा साम्राज्य था


Ashoka's emperor was big and huge like him, except Kaling, Ashoka was the emperor of the whole of India.

From Iran to Burma and from Afghanistan to Bengal and from Mysore to Karnataka, Ashoka was the emperor

It is said that it was the largest empire till that time.

अशोक स्तंभ


कहते है जहाँ जहाँ अशोक गए थे वह उन्होंने अशोक स्तम्भ का निर्माण किया था इन के हजारों स्तंभों को मध्य काल कालीन युग में मुसलमानो ने बर्बाद कर दिया था

It is said that wherever Ashoka went, he built the Ashoka Pillar.

Thousands of these pillars were destroyed  by the Muslims in the medieval era.

The pillar of the great Ashoka is still visible on the money of India.

अशोक महान का निधन Death of Great Ashok 


सम्राट अशोक के मौत के बारे में इतिहास में सिर्फ तारीख की जानकारी है मगर जगह के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गयी  महान इतिहास कारो का मानना है के उन्होंने पाटलिपुत्र में अपनी आखरी साँसे ली है


There is only date information in history about the death of Emperor Ashok, but no official confirmation has been made about the place.
Great historians believe that they have taken their last breath in Pataliputra.

बृहद्रथ मौर्या साम्राज्य का आखरी शासक / मौर्य साम्राज्य का आखरी शासक कौन था ? 
Last Maurya Empire brihadratha /Who was the last emperor of Maurya empire ? 


बृहद्रथ मौर्या साम्राज्य का आखरी शासक थे उन का शासन काल 187 ईसापूर्व से 170 ईसापूर्व तक था!बृहद्रथ के पिता का नाम शतधन्वन था! 

बृहद्रथ मौर्या ने 8 साल राज्य किया बृहद्रथ की हत्या उस के ही सेनापति पुष्यमित्र के षड्यंत के द्वारा हुई


बृहद्रथ को 184 ईस्वीपूर्व में उसी के सेनापति द्वारा मार दिया गया इसी तरह से मौर्य साम्राज्य समाप्त हो गया

Brihadratha was the last ruler of the Maurya Empire, his reign was from 187 BC to 180 BC. Brihadratha's father's name was Shatadhanvan.

Brihadratha Maurya ruled for 8 years, Brihadratha was killed by the conspiracy of his own general Pushyamitra.

Brihadratha was killed by his commander in 184 BCE, thus ended the Maurya Empire.


मौर्य साम्राज्य का अंत कैसे हुआ ? How did the Maurya Empire fall? 


वैसे तो हर साम्राज्य का अंत होता ही है लेकिन
मौर्य साम्राज्य का अंत बृहद्रथ के मौत के साथ ही होगया था मौर्य साम्राज्य के अंत के कुछ बहुत बड़े कारन थे
तो चलिए इन में से कुछ मुखिया कमज़ोरियों पे नज़र डालते है

Although every empire has its end but
The Maurya Empire ended with the death of Brihadratha. There were some very big reasons for the end of the Maurya Empire.
So let's take a look at some of these major weaknesses.


विदशी आकर्मण/foreign invasion 

चद्र गुप्त मौर्य ने भारतीय भूमि से यूनान से आये दुश्मनो को बाहर निकाल दिया था.और साल्यूकोस निकेटर को हरा कर भारत के सीमाओ से बहार अपना साम्राज्य स्थापित किया.

बिंदुसार और अशोक के शासनकाल में युनानी शक्तियों से कोई भय नहीं था.क्यों के यूनानी मौर्य सेना से डरते थे
सम्राट अशोक के अंत के बाद मौर्य साम्राज्य में बहुत गिरावट आई इसी बात का फ़ायदा यूनानियों ने उठाया

भले ही यूनानी कभी जीत नहीं पाये मगर ये बात सिद्ध होगयी के मौर्या साम्राज्य में अब खुद की रक्षा करने में सक्षम नहीं है

Chandra Gupta Maurya had driven out the enemies from yunan from the Indian soil and defeated Salucos Nicator and established his empire outside the borders of India.There was no fear from the yunani powers during the reigns of Bindusara and Ashok because the yunani were afraid by  the Maurya army.

After the end of Emperor Ashoka, there was a great decline in the Maurya Empire, the Greeks took advantage of this.

Even though the Greeks could never win, it was proved that the Maurya Empire is no longer able to defend itself.

कमज़ोर उत्तराधिकारी /Weak successor 

कहते ही पहले ही मौर्य साम्राज्य में भले ही चद्र गुप्त ,अशोक जैसे महान शासक हो मगर उत्तराधिकारी कभी अपनी चरित्र में क्षमता का विश्वास नहीं दे सके.
ये भी मौर्य साम्राज्य के अंत की बड़ी वजह में से एक है

Even though there may be great rulers like Chandra Gupta, Ashoka in the Maurya Empire as soon as it is said, the successors could never give confidence in their character.

This is also one of the major reasons for the end of the Maurya Empire.


विरोध और प्रतिवाद/ Protest 

अशोक के निधन के बाद मौर्य साम्राज्य में आंतरिक विरोध देखने को मिला आंतरिक विरोध का सब से बड़ी मिसाल सेना प्रमुख पुष्पमित्र है.

After the death of Ashoka, there was internal opposition in the Maurya Empire. The biggest example of internal opposition is the army chief Pushpamitra.

मौर्य साम्राज्य के बाद भारत पर किसका शासन था?
Who ruled India after the Maurya Empire? 

बृहद्रथ मौर्या की हत्या करने के बाद मौर्य साम्राज्य का सेनापति पुष्पमित्र ने शुंगा वंश की स्थापना की.
मौर्य साम्राज्य के बाद शुंगा वंश ने भारत पर शासन किया
185 ईस्वीपूर्व में पुष्पमित्र के नेतृत्व में शुंग राजवंश स्थापित किया गया

After killing Brihadratha Maurya, the commander of the Maurya Empire, Pushpamitra, founded the Shunga dynasty.
The Shunga dynasty ruled India after the Maurya Empire.Shunga dynasty was established in 185 BC under the leadership of Pushpamitra

क्या गुप्ता और मौर्य साम्राज्य एक ही हैं 
is gupta and maurya dynasty are same 


गुप्त साम्राज्य और मौर्य साम्राज्य दोनों एक नहीं है दोनों साम्राज्यों में बहुत सारे विभिन्ता है.जहाँ मौर्या साम्राज्य की स्थापना 325-1285 ईसापूर्व में आयी थी वही गुप्त साम्राज्य 320 और 350 ईसवी में स्थापत हुआ
मौर्या साम्राज्य एक विशाल साम्राज्य था जबकि गुप्त साम्राज्य नगरी कर वसूल करता था


The Gupta Empire and the Maurya Empire are not the same, there are many differences between the two empires.
Where the Maurya Empire was established in 325-1285 BC, the Gupta Empire was established in 320 and 350 AD.
The Maurya Empire was a vast empire while the Gupta Empire collected city taxes.

क्या मौर्य क्षत्रिय हैं? are maurya kshatriya? 


चद्र गुप्त मौर्य जैन धर्म को पूजते थे कारणवश इतिहास में मौर्यन को क्षत्रिय माना है

Chandra Gupta Maurya used to worship Jainism, due to the reason Mauryan is considered as Kshatriya in history.

मौर्य साम्राज्य कहाँ स्थित था? 

Where was the mauryan empire located ?
मौर्या साम्राज्य पूरे भारत में फैला हुआ था
इतिहास को देखे तो पाटलिपुत्र में मौर्य साम्राज्य का गढ़ था

Maurya Empire was spread all over India
Looking at the history, Pataliputra was the stronghold of the Maurya Empire.








HINSMEER Hello i am Azaan

0 Komentar

एक टिप्पणी भेजें

Sarkari Naukri

Company Jobs